Friday, May 15, 2009

जूता और नेता

कास मै जूता होता
पीचिदंबरम हो या मनमोहन ,लालकृषण आडवानी
पिअम इन वोटिंग हो ,या सिटिंग पी यम्
सबके ऊपर मै फेका जाऊ।
नविन जिंदल हो या ,जीतेंद्र अभिनेता
बिना मशाला लगाये बन जाऊ ,मै भी रातोरात सर का ताज
हितेश चौहान हो या जनरैल सिंह पत्रकार ,
पसव हो या चंद्र शेखर ,मै हूँ नेता के सरपर।

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1 comment:

manish said...

aap ka juta hosh me nahi hai. nai juta le lijiye.